एक एहसांस

खुद को कुछ यु समेटा था किसी रोज़ किसी ने मेरी बहो में मए रोक न सका,जताया प्यार इतना के मई उसे प्यार करने से खुद को रोक न सका,ये मुहोब्बत थी या कुछ और पता नही,
बस एक एहसांस था जो आज भी मेरे दिल में कायम है

4 thoughts on “एक एहसांस”

  1. अच्छे शब्दों पर मुझे नहीं लगता कि इस वेबसाइट पर कोई भी हिंदी पढ़ सकता है। आपका जीवन अच्छा रहे।

Leave a Reply